
मुंबई 10 सितंबर। सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में पांडवों और कौरवों के बचपन की अनकही कहानियों के साथ अब एक नया रहस्य दर्शकों को रोमांचित करने वाला है। हस्तिनापुर लौटने के बाद पांडवों को दुशाला की संगीत शिक्षिका माधुली पर संदेह होने लगता है। उन्हें उसके व्यवहार में कुछ असामान्य नजर आता है, जिसके बाद वे उसकी सच्चाई का पता लगाने का फैसला करते हैं।
आगामी कहानी में भीष्म पितामह को मगध के राजा जरासंध से बढ़ते खतरे का आभास होता है। राजकुमारों की सुरक्षा को देखते हुए वह उन्हें मगध से हस्तिनापुर वापस लाने का निर्णय लेते हैं। हालांकि, उन्हें यह अंदाजा नहीं होता कि खतरा पहले ही हस्तिनापुर तक पहुंच चुका है।
माधुली की भूमिका निभा रहीं प्राची ठाकुर कहानी में नया मोड़ लेकर आएंगी। वह वास्तव में जरासंध द्वारा भेजी गई विषकन्या है, जिसे राजा धृतराष्ट्र के खिलाफ एक खतरनाक मिशन को अंजाम देने के लिए भेजा गया है। राजपरिवार में अपनी जगह बनाने के साथ माधुली लगातार अपनी योजना को आगे बढ़ाती है। वहीं, उसके कुछ व्यवहार पांडवों के संदेह को और गहरा कर देते हैं।
पांडव माधुली की गतिविधियों की पड़ताल शुरू करते हैं। उन्हें यह अंदाजा नहीं है कि उसकी सच्चाई की तलाश उन्हें महल के भीतर छिपे एक बड़े और खतरनाक रहस्य के करीब ले जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या पांडव माधुली की असली पहचान और उसके इरादों का पता समय रहते लगा पाएंगे।
भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वधवा ने कहा कि भीष्म राजकुमारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें हस्तिनापुर वापस लाते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि खतरा पहले ही माधुली के रूप में राज्य में प्रवेश कर चुका है। बच्चों के संरक्षक के रूप में भीष्म हमेशा उन्हें हर खतरे से दूर रखना चाहते हैं, इसलिए उनके लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है कि राजकुमार अनजाने में उसी खतरे के करीब पहुंच रहे हैं, जो महल के भीतर मौजूद है।
‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे किया जा रहा है।









