
देहरादून, 10 सितंबर। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग में गुरुवार को जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से तंबाकू निषेध को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों को तंबाकू और तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा और विश्वविद्यालय की डीन डॉ. सोनिका कंडारी ने किया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसके सेवन से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से तंबाकू उत्पादों से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू कंपनियां नए ग्राहक बनाने के लिए विशेष रूप से किशोरों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लेती हैं। युवाओं को इस रणनीति को समझते हुए तंबाकू से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों की जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी प्रस्तुतीकरण में भाग लिया। कार्यशाला में तंबाकू के दुष्प्रभावों पर पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए।
कार्यशाला के दौरान कोटपा अधिनियम और तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को तंबाकू मुक्त विश्वविद्यालय घोषित किया गया।इस अवसर पर डीन डॉ. सोनिका कंडारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी तथा जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से डॉ. अनुराधा, अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल और अनुराग उनियाल मौजूद रहे।









