हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य बनाया जाएगा: धामी

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देहरादून 6 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में गोर्खाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री रविवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने गोर्खाली समाज की माताओं और बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। ऐसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की सबसे बड़ी संरक्षक हैं, जिनके प्रयासों से भाषा, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि गोर्खाली समाज अपनी वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के लिए जाना जाता है। देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने हमेशा अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाज सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में गोर्खाली समाज ने उत्तराखंड की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिन्द फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शहीद द्वार गोर्खा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा देगा।
भारत और नेपाल के आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल पड़ोसी देशों का संबंध नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते हैं। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।
महिला सशक्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया है। समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर हुई हैं और परिवार के साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, नेहा जोशी, सिद्धार्थ अग्रवाल और अनुकृति गुसाईं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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