
देहरादून 5 सितंबर। प्रदेश में बिना मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन किए बिना संचालित मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में देहरादून और नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रदेश में अब तक कुल 20 ऐसे मदरसों का संचालन बंद कराया जा चुका है।
अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया है। वहीं आजाद कॉलोनी, माजरा स्थित मदरसा दार-ए-अरकम और मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों ने मदरसों का संचालन बंद करने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने लिखित रूप से संचालन बंद करने की सूचना दी है। इस तरह कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।
इसी क्रम में हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना और इंदिरा नगर, बनभूलपुरा क्षेत्र में संचालित एक अन्य बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है।
हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों से मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया था। निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों और मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर संचालित शिक्षण संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।








