
नई दिल्ली 9 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मुंबई-देहरादून वंदे भारत या सुपरफास्ट ट्रेन शुरू करने, मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, हरिद्वार-ऋषिकेश, कैंची धाम, जागेश्वर धाम और वर्ष 2027 में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर उत्तराखंड में आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मुंबई सहित देश के विभिन्न शहरों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग रहते हैं, जिन्हें बेहतर रेल सुविधा की जरूरत है।
धामी ने देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तारित करने तथा हरिद्वार-मुंबई और रामनगर-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यहां प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन करने, किसानों की समस्याओं के समाधान और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर शीघ्र संचालन शुरू कराने का भी आग्रह किया।
बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला-देहरादून खंड के लंबित कार्य को जल्द पूरा करने तथा हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर रेल मंत्री ने सहमति जताई।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर से चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्पकालिक ठहराव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। रेल मंत्री ने इस मांग को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी। साथ ही खटीमा-मझोला पीलीभीत रेलवे फाटक संख्या-18सी को जनहित में दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक सहमति प्रदान की।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।





