देहरादून में व्यापारी–उद्यमी–प्रशासन संवाद

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देहरादून 8 जुलाई। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (NTWB) ने बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस, देहरादून में ‘व्यापारी–उद्यमी–प्रशासन संवाद’ का आयोजन किया। बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, उद्योग मंडलों, एमएसएमई प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में जीएसटी सुधार, एमएसएमई को बढ़ावा, डिजिटल कारोबार, श्रम सुधार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, स्टार्टअप, बिना गारंटी ऋण, ओएनडीसी आधारित डिजीडुकान, एफएसएसएआई अनुपालन तथा व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सुनील जे. सिंघी ने कहा कि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड देशभर के व्यापारियों को उनकी समस्याओं, सुझावों और नीतिगत मांगों को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत संस्थागत मंच उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड संबंधी विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य तेजी से विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटन, औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे व्यापार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा हुए हैं।उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर व्यापारी कल्याण बोर्ड तथा ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर गठित करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा और व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सकेगा।

संवाद के दौरान ओएनडीसी आधारित डिजीडुकान को छोटे व्यापारियों, किराना दुकानदारों, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए डिजिटल बाजार से जुड़ने का प्रभावी माध्यम बताया गया। साथ ही व्यापारियों से इसके अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जीएसटी जागरूकता, एमएसएमई प्रोत्साहन, स्टार्टअप सहायता, खाद्य सुरक्षा, श्रम कानूनों, संस्थागत ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। व्यापारिक संगठनों ने कराधान, बैंकिंग, शहरी आधारभूत सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स, लाइसेंसिंग और नियामकीय प्रक्रियाओं से जुड़े सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड ने व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापार सुगमता बढ़ाने और केंद्र, राज्य सरकारों तथा व्यापारिक समुदाय के बीच संस्थागत संवाद को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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