नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज, 19 अप्रैल से भूख हड़ताल की चेतावनी

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देहरादून 17 अप्रैल। नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेश के नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मंच ने प्रेस वार्ता में कहा कि अभ्यर्थी पिछले 133 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन में प्रदेशभर के नर्सिंग अभ्यर्थी लगातार भागीदारी कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की तरह वर्षवार आधार पर संचालित किया जाए। साथ ही आईपीएचएस मानकों के अनुरूप प्रदेश के अस्पतालों में कम से कम 2000 नर्सिंग पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल सके।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जहां आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन वर्ष 2020-21 तक की वरिष्ठता के आधार पर किया जा चुका है, वहीं सामान्य वर्ग के वर्ष 2014 के अभ्यर्थी अब तक चयन से वंचित हैं। इसे उन्होंने समानता और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।मंच के प्रदेश प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अब तक आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन लगातार अनदेखी के चलते अब इसे तेज करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है।मंच ने सरकार और संबंधित विभागों से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा है कि यह मामला न केवल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं से भी सीधे तौर पर संबंधित है। प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री प्रदीप बिष्ट,प्रदेश प्रवक्ता स्तुति सती, जतिन वाधवा, राजेन्द्र कुकरेती,नवल पुडिंर शामिल रहे।

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