मुख्यमंत्री ने एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की, 484 लाभार्थियों को ₹3.45 करोड़ डीबीटी से मिले

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


देहरादून, 10 फरवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रथम चरण में 6 जनपदों की 484 महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि भेजी तथा विभागीय कैलेंडर का विमोचन भी किया।
प्रथम चरण में बागेश्वर की 42, देहरादून की 191, नैनीताल की 75, पौड़ी की 66, टिहरी की 23 तथा उधमसिंहनगर की 87 महिलाओं को लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि शेष 7 जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹4 करोड़ की राशि इसी माह के अंत तक डीबीटी से प्रदान कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देगी। उन्होंने कहा कि राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा मिलेगी। महिला सशक्त होगी तो परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे।
उन्होंने बताया कि योजना में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन यापन कर रही महिलाओं के साथ एसिड अटैक व आपराधिक घटनाओं की पीड़िताओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि योजना से नारी शक्ति अब नेतृत्व की भूमिका में आगे आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कार्य कर रही हैं। 1.68 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है। राज्य सरकार ने उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए भी मजबूत व्यवस्था विकसित की है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार सृजनकर्ता के रूप में आगे बढ़ा रही है। यह योजना एकल महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएगी।
सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं। इसमें 75 प्रतिशत या अधिकतम ₹1.50 लाख तक सब्सिडी दी जाएगी, जबकि लाभार्थी का 25 प्रतिशत अंशदान अनिवार्य होगा।
कार्यक्रम में डायरेक्टर बी.एल. राणा, विक्रम, आरती, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें