
देहरादून/चमोली 30 दिसंबर।
चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रॉलियों के आपस में टकरा जाने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय सुरंग के भीतर कुल 109 श्रमिक मौजूद थे।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए।
हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को समुचित एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि 70 श्रमिकों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जिनमें से 66 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है। चार श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जिनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त पीपलकोटी स्थित विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि 21 श्रमिकों को कोई चोट नहीं आई और वे घटनास्थल से ही घर लौट गए।
स्पष्टीकरण:
विभिन्न समाचार चैनलों द्वारा चमोली, उत्तराखंड से संबंधित इस घटना को लेकर चलायी जा रही खबरों के संदर्भ में यह स्पष्ट किया जाता है कि यह हादसा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में स्थानीय स्तर पर प्रयोग की जा रही परिवहन व्यवस्था (लोको ट्रॉली) से संबंधित है।
इस घटना का भारतीय रेलवे से कोई संबंध नहीं है। समाचार चैनलों में संदर्भित ट्रेन भारतीय रेलवे की ट्रेन नहीं है, बल्कि परियोजना टीम द्वारा आंतरिक आवागमन के लिए उपयोग की जा रही स्थानीय ट्रॉली है।प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है और परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।




