देहरादून, 29 नवम्बर 2025 ।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें देहरादून राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषय पर आयोजित मुख्य भाषण सत्र से हुई। इस सत्र में अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने विस्तृत उद्बोधन देते हुए भारतीय शिक्षा दर्शन, नैतिक मूल्यों, कौशल आधारित शिक्षा एवं भविष्य की राष्ट्रीय आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का आधार है, जिसे वैश्विक संदर्भ में पुनः प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता है।
मुख्य सत्र के पश्चात अधिवेशन में पाँच समानांतर विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें समसामयिक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
इन सत्रों में प्रमुख रूप से—
- वैश्विक Gen-Z आंदोलन एवं भारतीय युवा,
- AI, चैट GPT एवं शिक्षा क्षेत्र पर इसके प्रभाव,
- बांग्लादेशी घुसपैठ एवं समसामयिक राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ,
- जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत 2047 का लक्ष्य,
- ऑपरेशन सिंदूर और बदलता सुरक्षा परिदृश्य
जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और प्रतिभागियों के साथ संवाद किया।
इन सत्रों के माध्यम से अधिवेशन में उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने न केवल समकालीन राष्ट्रीय-विश्व मुद्दों को समझा, बल्कि आगामी समय में विद्यार्थियों की रचनात्मक भूमिका पर भी चर्चा की ।








