नानकमत्ता में जनजाति गौरव दिवस समारोहः सीएम धामी ने किए करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण, सात घोषणाएं भी कीं

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नानकमत्ता (उधमसिंह नगर)15 नवंबर।

नानकमत्ता में शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह गरिमामय ढंग से मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 9.68 करोड़ की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास किया तथा 1 करोड़ रुपये से निर्मित नगर निकाय भवन का लोकार्पण किया।

सीएम धामी की सात बड़ी घोषणाएं

समारोह में मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—

  • साधुनगर स्थित कैलाश नदी पर पुल निर्माण।
  • राय सिख भवन के लिए धनराशि अवमुक्त।
  • नानकमत्ता बांध को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • सनातन धर्म उत्थान समिति भवन एवं मंदिर निर्माण के लिए धनराशि।
  • ज्ञानपुर से बैलपड़ाव को जोड़ने वाले मार्ग का डामरीकरण।
  • पर्वतीय उत्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष हेतु धनराशि।
  • खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नाम महाराणा प्रताप किया जाएगा।

“भगवान बिरसा मुंडा स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक” — सीएम

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी जयंती पूरे जनजाति समाज के गौरव, संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण में दिए योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने कम उम्र में स्वतंत्रता और स्वाभिमान की ऐसी ज्योति जलाई, जिसने पूरे जनजाति समाज को एकजुट कर नई दिशा दी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा देशभर में लगभग 200 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय जनजाति समाज के गौरव को नई पहचान दे रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा, “हमें गर्व है कि संथाल जनजाति की बेटी द्रौपदी मुर्मू आज देश की राष्ट्रपति हैं।”

जनजाति विकास के लिए चल रही प्रमुख योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मोदी ने आदिवासी समाज के बजट को तीन गुना बढ़ाकर विकास को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि देश में पहली बार—

  • एकलव्य मॉडल स्कूल
  • वन धन योजना
  • प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान
  • जनजाति विकास मिशन
    जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजाति समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का काम व्यापक स्तर पर हुआ है।

उत्तarakhand में 128 जनजाति गांवों का चयन प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के लिए किया गया है, जिनमें बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिक्षा, रोजगार और कल्याण की योजनाएं

सीएम धामी ने बताया कि प्रदेश में—

  • 4 एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित हैं।
  • देहरादून (चकराता) और बाजपुर में नए विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
  • जनजाति छात्रों को प्राथमिक से लेकर पीजी तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
  • 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं।
  • 3 आईटीआई कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध करा जनजाति युवाओं को कौशलयुक्त बनाया जा रहा है।
  • जनजाति बेटियों की शादी हेतु 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
  • जनजाति शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का कोरप्रेस फंड बनाया गया है।
  • प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि व अधिकारी

इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

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