उत्तराखण्ड एससी-एसटी एम्प्लॉइज फेडरेशन की कार्यकारिणी का हुआ विस्तार, कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून। उत्तराखण्ड एससी-एसटी एम्प्लॉइज फेडरेशन की ऑनलाईन बैठक में प्रान्तीय कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से फेडरेशन की नियमावली के तहत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।

बैठक में विनोद कुमार (हरिद्वार) को प्रान्तीय उपाध्यक्ष, रघुवीर सिंह तोमर (एसटी) को महासचिव वित्त, डॉ. सुनील कुमार (देहरादून) को उपकोषाध्यक्ष, प्रमोद कुमार चौधरी (चौड़ी) और गोविन्द कौण्डल (पीडब्ल्यूडी) को सचिव, वहीं दिनेश धीमान (वैलाइन) और भजन लाल साह (देहरादून) को संयुक्त सचिव बनाया गया।

इसके अलावा शशिपाल चौहान (उत्तरकाशी) और मनोहर लाल (टिहरी) को सचिव प्रचार-प्रसार, जबकि विनोद कुमार (PWD), ज्ञानचन्द, सुनीता कपरवाल और दिनेश टम्टा को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया।
फेडरेशन के संरक्षक के रूप में करम राम, मदन कुमार शिल्पकार, रणवीर सिंह तोमर और चिरंजीलाल को मनोनीत किया गया।
सलाहकार मंडल में डॉ. सोहनलाल, डॉ. संजय भारिया, भरत भूषण शाह, राजबीर सिंह और विशाल बिरला शामिल किए गए।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ने की। उन्होंने कहा कि फेडरेशन की प्रान्तीय कार्यकारिणी का चुनाव फरवरी 2026 में किया जाएगा। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश भर में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और जिन जिलों में कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, वहां की कार्यकारिणियों का पुनर्गठन किया जाएगा।बैठक में पूर्व के मांग पत्रों को पुनः राज्य सरकार के समक्ष रखने और भारत सरकार से भी इस संबंध में पत्राचार करने का निर्णय लिया गया।फेडरेशन ने सरकार से पदोन्नति में आरक्षण से जुड़ी ईरशाद आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश कर अधिनियम बनाने की मांग की।
इसके अलावा ओबीसी को पदोन्नति में आरक्षण देने, बैकलॉग भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने, संविदा व उपनल कर्मियों के नियमितीकरण से पूर्व आरक्षण रोस्टर लागू करने, सफाईकर्मियों की नियमित नियुक्तियां करने और ‘सेवा शती अधिनियम’ बनाने की मांग की गई।फेडरेशन ने राज्य की सभी तहसीलों में शिकायत निवारण समिति के गठन, डॉ. भीमराव अम्बेडकर भवन के शीघ्र निर्माण, छाव वृत्ति आवेदन प्रक्रिया के सरलीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और आरक्षित वर्ग के कर्मचारी संगठनों को शासन से मान्यता देने की भी मांग रखी।इसके साथ ही फेडरेशन ने आश्रम पद्धति विद्यालयों में इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित करने की मांग  की ।

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; hdrForward: 0; highlight: false; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;HdrStatus: auto;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 34

Leave a Comment

और पढ़ें