ग्राहक पंचायत ग्राहकों (उपभोक्ताओं) को होने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए कार्यरत है

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून 23 अगस्त।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत प्रदेश अध्यक्ष विनोद नौटियाल ने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी। पिछले वर्ष हमने स्वर्ण जयन्ती वर्ष मनाया है।
ग्राहक पंचायत ग्राहकों (उपभोक्ताओं) को होने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु बनाया गया

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; hdrForward: 0; highlight: false; brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;HdrStatus: auto;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 38;
है। संघ की शाखा से निकले हुए कार्यकर्ता अपनी-अपनी रूचि के अनुसार विभिन्न संगठनों का गठन किया है, जिनमें प्रमुख रूप से विद्या भारतीय, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, विश्व हिन्दू परिषद, स्वदेशी जागरण मंच, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, हिन्दू जागरण मंच आदि हैं।

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने उपभोक्तओं की विभिन्न प्रमुख समस्याओं के निराकरण हेतु अपने स्थापना वर्ष से ही अथक प्रयास किया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में बनाया गया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संस्थापक बिन्दु माधव जोशी व अन्य द्वारा अधिनियम का प्रारूप बनाकर भारत सरकार को भेजा गया था। जिसे ततसमय की सरकार द्वारा सत् प्रतिशत स्वीकार किया गया एवं इस अधिनियम को 1986 में लागू किया गया। इस अधिनियम के माध्यम से ग्राह पंचायत द्वारा उपभोक्ताओं को होने वाली विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया गया। जिस कारण मिलावट, महंगाई आदि में कुछ मात्रा तक नियंत्रण हुआ। वर्ष 2019 में 1986 के इस अधिनियम को संशोधित कर दिया गया है।

पिछले वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष में ग्राहक पंचायत ने राष्ट्र की विभिन्न समस्याओं को उजागर करने के लिए भारत व राज्य सरकारों को कई महत्वपूर्ण ज्ञापन व सुझाव भेजे जिसमें प्रमुख निम्न हैं:-

1. बच्चों का भविष्य व स्वास्थ्य सुरक्षित करने के लिए ऑनलाईन खेलों पर प्रतिबंध लगाये जाने हेतु ज्ञापन भेजा।

2. दूध व दूध से बने पदार्थों जैसे पनीर, खोवा, मक्खन आदि में भारी मात्र मैं हो रही मिलावट रोकने हेतु।. रेलवे में आरक्षण, भोजन, सफाई, अवैध रूप से रेलवे के डिब्बों में समान बेचने वालों पर प्रतिबंध, वरिष्ठ नागरिकों हेतु किराये में कमी व सुविधा, प्रतिक्षा सूची का समय बढ़ाये जाने आदि के संबन्ध में।

4. जिला, राज्य, राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोगों में रिक्त पड़े पदों को भरने एवं लम्बित शिकायतों, अपीलों आदि का शीघ्र निस्तारण के सम्बन्ध में।

पंचायत के प्रयास से कल ही भारत के संसद द्वारा ऑनलाईन खेलों पर प्रतिबंध लगाने व ई – खेल जिससे कि बच्चों के स्वास्थ्य तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, का बिल पास किया गया। इससे पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा वर्षभर का एक साथ टोल शुल्क का भुगतान करने की छूट दिये जाने का निर्णय 15 अगस्त से लिया गया है।

बैंकों में उपभोक्तओं का लगभग 30 हजार करोड़ ऐसा जमा है जिसे कुछ उपभोक्ताओं की असमर्थता, मृत्यु इत्यादि होने के कारण खाता संचालित नहीं किया गया। ग्राहक पंचायत ने इस प्रकार के बैंकों में जमा धन को खाताधारक व उनके उतराधिकारियों को भुगतान करने की मांग की गई जिस पर बैंकों ने कार्य प्रारम्भ कर दिया है, की सूचना प्राप्त हुई है।

उत्तराखण्ड में मई 2025 में मेरी अध्क्षता में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हुआ है। इससे पूर्व आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर राजीव कुरले जी अध्यक्ष थे। हमारी प्रदेश कार्यकारिणी ने 5 जून 2025 को पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में संपूर्ण पेदश में लगभग 500 संकल्प पत्र भराये गये, 16 जुलाई 2025 को हरेला के उपलक्ष में देहरादून व सम्पूर्ण प्रदेश में वृक्षारोपण किया गया व विचार गोष्ठियां की गई।

महिलाएं क्योंकि अधिक मात्रा में ग्राहक होती हैं इसलिए सम्पूर्ण प्रदेश में कई महिला गोष्ठियां व सम्मेलन किये गये।

01 अगस्त से अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का सम्पूर्ण देश में 31 अगस्त तक सदस्यता अभियान चल रहा है। उत्तराखण्ड में भी

हमने 2000 सदस्य बनाये जाने का लक्ष्य रखा है। लिंक के माध्यम से सदस्य बन रहे हैं व ईमेल के माध्यम से 100 की रसीद सदस्य बनने वाले के पास आ रही है। हमारा सम्पूर्ण जागरूक ग्राहकों से निवेदन है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ग्राहक पंचायत के सदस्य बनने की कृपा करें।
उत्तराखण्ड में ग्राहक पंचायत द्वारा निकट भविष्य में निम्न समस्याओं के निराकरण हेतु सदस्य बनने ग्राहकों का सहयोग लेकर केन्द्र व सरकारों पर दबाव डालना हैं-

पार्किक समस्या जिसके अंतर्गत यह निवेदन किया जायेगा कि किसी भी सरकारी व गैरसरकारी चिकित्सालय व सरकारी कार्यालय, मॉल

आदि में पार्किंग शुल्क लिया जाना प्रतिबंधित किया गया है।आयुषमान कार्ड कार्ड बनाये जाने में आ रही कठिनाईयों व विभिन्न चिकित्सालयों द्वारा आयुष्मान कार्ड योजना का दुरुप्रयोग रोकने हेतु ।

सरकारी कर्मचारियों हेतु गोल्डन कार्ड योजना में आ रही कठिनाईयों व

कर्मचारियों से अत्यधिक राशि वसूल किये जाने के विरोध में । एम०आर०पी० के अंतर्गत प्रत्येक वस्तु का उत्पादन मूल्य व विकय वस्तु पर लिखे जरने के संबंध में।

ऑनलाईन ट्रेडिंग को नियंत्रित करने के सम्बन्ध में।

दूध व दूध से बनी वस्तुओं में मिलावट रोकने के संबंध में।

सब्जियों के मूल्य नियंत्रित करने के संबंध में।

बिजली के बिल, इलेक्टोनिक मीटिरों के माध्यम से अत्यधिकआने के संबंध में।

ब्यूटीपार्लर व इनके द्वारा ली जाने वाली राशि का निर्धारण व नियंत्रण करने के संबंध में।

दर्जियों द्वारा सिलाई के मनमर्जी की राशि उपभोक्तओं से वसूल किये जाने के संबंध में।

जिला उपभोक्ता आयोगों व राज्य आयोगों में गैर न्याययिक सदस्य नियुक्त करने हेतु लिखित परीक्षा समाप्त करने व स्थानीय सदस्यों को नियुक्त करने हेतु।

निकट भविष्य में उत्तराखण्ड अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत अपने

ग्राहाकों उपभोक्ताओं से भी निम्न विषयों पर सहयोग करने की निवेदन करेगा।

स्वदेशी वस्तुओ को कय करने के संबंध में।

पारम्परिक सरसों का तेल प्रयोग करने के संबंध में।

ब्राण्डेड वस्तुयें का प्रयोग न्यूनतम करने के सम्बन्ध में।

ऑनलाईन वस्तुओं के कय करने पर नियंत्रण करने के संबंध में

पर्यावरण व जल संरक्षण व प्लपस्टिक मुक्ति के संबंध में।

बच्चों, युवाओं में घर में बने रूचिकर भोजन खाने की रूचि उत्पन्न करना व बाहर का औध लाइथ खाना मंगाने में नियंत्रण।

Leave a Comment

और पढ़ें