भ्रष्ट मंत्री एवं विधायकों का अनुसरण कर रहे कार्मिक

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देहरादून 1 मार्च। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि कल सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लापरवाह कर्मचारियों को रिटायर करने का फैसला लिया गया है, जिसका स्वागत किया जा सकता है, लेकिन उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने कसम खा रखी है कि बगैर सुविधा शुल्क लिए पत्रावली को आगे नहीं बढ़ाएंगे अथवा पत्रावलियां घूमाते रहेंगे अथवा पत्रावलियों को कूड़े का ढेर बना देंगे।
नेगी ने कहा कि जिन पत्रावलियों में सुविधा शुल्क भेंट कर दिया जाता है, उनमें अवैध काम भी “प्रत्याशा” में अथवा नियमों को ताक पर रखकर कर दिए जाते हैं, लेकिन बगैर सुविधा शुल्क दिए जायज कामों में ऐसी आपत्तियां लगा दी जाती हैं जो कभी कामयाब नहीं हो पाती। आज सरकार को ऐसे भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्यवाही किए जाने की भी सख्त जरूरत है।
नेगी ने कहा कि इस भ्रष्टाचार एवं निकम्मेपन की सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रदेश के अधिकांश विधायक/मंत्री व सरकार सब भ्रष्ट हो चुके हैं तथा उनका अनुसरण कर ही ये अधिकारी/कर्मचारी भ्रष्ट बन बैठे हैं। ऐसे भ्रष्ट तंत्र की वजह से ही प्रदेश आज देश के भ्रष्टतम राज्यों में शुमार हो गया है। मोर्चा सरकार/राजभवन से मांग करता है कि ऐसे भ्रष्ट एवं निकम्मे अधिकारियों/कर्मचारियों को चिन्हित कर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, जिससे जनता को राहत मिल सके। पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह को अमित जैन मौजूद थे।

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