सहकारिता से किसानों और महिला समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी: गणेश जोशी

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देहरादून, 30 सितंबर। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तराखंड सहकारिता शिखर सम्मेलन-2026 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती मिली है। राज्य सरकार भी सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता को मजबूत करने के साथ ही मिलेट मिशन यानी श्रीअन्न को प्राथमिकता दी जा रही है। सहकारिता और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंडुवा की खरीद की जा रही है। मंडुवा संग्रहण में सहयोग करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इससे किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उर्रकों की खपत कम करने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के किसान नई तकनीकों को अपनाकर कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि यंत्र, बागवानी, पॉलीहाउस, आधुनिक कृषि तकनीक और मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्वतीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ कृषि को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाना है। सहकारिता के माध्यम से किसानों और महिला समूहों को बाजार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में इस प्रकार के सहकारिता और कृषि आधारित आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों में भी आयोजित करने का आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक किसान, महिला समूह और ग्रामीण उद्यमी इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री देवेंद्र भसीन, रूपेश पांडेय सहित कृषक और अन्य लोग उपस्थित रहे।

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