
देहरादून 5 अगस्त। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को राहत देते हुए बीएलओ अब उनके घर जाकर नोटिसों का निस्तारण करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को मंडलायुक्तों और सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अभियान की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विसंगति वाले मामलों में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक रूप से बूथ पर नहीं बुलाया जाए। ऐसे मामलों की सुनवाई उनके घर पर जाकर की जाए।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के तहत प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बताया कि यदि कोई एक मतदाता पांच से अधिक दावे या आपत्तियां प्रस्तुत करता है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) स्वयं नियमानुसार जांच और सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत और गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप को अपने-अपने मंडलों के जिलों का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सुपर चेकिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, दोनों मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।








