
देहरादून 31 जुलाई। पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत मुद्दों पर आयोजित प्रेस वार्ता को मिले समर्थन पर अधिवक्ता एवं सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषक आर.आर. बाग ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शैक्षिक समता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नीतिगत सुधार की आवश्यकता है।
आर.आर. बाग ने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत 12,258 बच्चों के लिए एस्कॉर्ट अलाउंस स्वीकृत किया जाना सकारात्मक कदम है, लेकिन राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के लक्ष्यों के अनुरूप अभी भी कई नीतिगत कमियां बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अल्मोड़ा में माध्यमिक शिक्षा के लिए वित्तीय आवंटन नहीं होना तथा पौड़ी और पिथौरागढ़ में बड़ी संख्या में स्कूलों का बंद होना शिक्षा के अधिकार और पड़ोस के विद्यालय (Neighbourhood School) की अवधारणा के विपरीत है। उन्होंने इस संदर्भ में उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों का भी उल्लेख किया।
आर.आर. बाग ने बताया कि उनका अगला कदम राज्य सरकार के समक्ष ‘माउंटेन एजुकेशन पॉलिसी’ का मसौदा प्रस्तुत करना होगा, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा नीति तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह सामाजिक और कानूनी प्रयास आगे भी जारी रहेगा।






