
द्रास। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि भारत पाकिस्तान के हर दुस्साहस का उसकी कल्पना से भी अधिक कठोर जवाब देने में सक्षम है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ यदि कोई बातचीत होगी तो वह केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर केंद्रित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बना लिया है और अब भारत आतंकवादियों तथा उन्हें संरक्षण देने वालों में कोई अंतर नहीं मानता।
उन्होंने कहा कि पिछले 27 वर्षों में भारत और पाकिस्तान की विकास यात्रा पूरी तरह अलग हो चुकी है। भारत नवाचार, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष मिशन और डिजिटल तकनीक में आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद और घुसपैठ को बढ़ावा देने में लगा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही सेना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब अपने लगभग 65 प्रतिशत रक्षा उपकरण देश में ही तैयार कर रहा है। उन्होंने ‘आकाश-तीर’ वायु रक्षा प्रणाली, ‘तेजस’ लड़ाकू विमान, ‘आईएनएस विक्रांत’, ‘प्रचंड’, ‘ध्रुव’, ‘अर्जुन’ टैंक, ‘पिनाका’ रॉकेट सिस्टम और ‘अस्त्र’ मिसाइल जैसी स्वदेशी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध नारे “ये दिल मांगे मोर” की भावना के साथ देश और अधिक आधुनिक हथियार, लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और मिसाइलें विकसित करेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 केवल आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य नहीं, बल्कि रणनीतिक शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव का संकल्प भी है।
समारोह में रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, स्मृति कुटिया का भ्रमण किया, कारगिल युद्ध पर आधारित वर्चुअल वॉकथ्रू पोर्टल का उद्घाटन किया तथा ‘शौर्य विजय यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, कारगिल युद्ध के वीर सैनिक, वीर नारियां, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।






