
देहरादून, 22 जुलाई।मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के द्वितीय चरण में बुधवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 212 नई पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता राशि की पहली किस्त और 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की गई। दूसरी किस्त के रूप में 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार एकल, निराश्रित, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से महिलाएं अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि द्वितीय चरण में आठ जिलों की 212 महिलाओं को 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त स्वीकृत की गई है। वहीं, प्रथम चरण की समीक्षा के बाद देहरादून, नैनीताल और टिहरी की 276 महिलाओं को 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की दूसरी किस्त जारी की गई।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत कृषि, पशुपालन, सिलाई, ब्यूटी पार्लर सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए अधिकतम दो लाख रुपये की परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।
कार्यक्रम में कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। कांवली रोड की नीलू जैन ने योजना की मदद से आगरा के प्रसिद्ध पेठे का कारोबार शुरू किया। सुषमा थापा ने सिलाई और हस्तशिल्प का काम शुरू कर अन्य जरूरतमंद युवतियों को भी रोजगार से जोड़ा। लक्खीबाग की पूजा सेठी ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद सिलाई का व्यवसाय खड़ा किया। वहीं पिथौरागढ़ की बसंती देवी ने सहायता राशि मिलने के बाद दोबारा बुटीक शुरू करने का संकल्प जताते हुए कहा कि वह मेहनत के दम पर “रोडपति से करोड़पति” बनने का सपना पूरा करेंगी।







