उत्तराखंड में 71 लाख मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज

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देहरादून, 3 जुलाई। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर शुक्रवार को सचिवालय में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में SIR कर की प्रगति की समीक्षा करते हुए राजनीतिक दलों से ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं के घर-घर सत्यापन अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया गया।

डॉ. जोगदंडे ने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। राज्य के कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं में से अब तक 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता ‘अनकलेक्टेड’ श्रेणी में हैं। इनमें 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61 हजार 764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित तथा 8 हजार 479 अन्य कारणों से इस श्रेणी में शामिल हैं। इस प्रकार अब तक कुल 79 लाख 45 हजार 658 मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। 14 जुलाई से 11 सितंबर तक इनका निस्तारण किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दल अब तक 23,102 बीएलए नियुक्त कर चुके हैं।
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा भाजपा के राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के अमरेंद्र बिष्ट, आम आदमी पार्टी के श्याम बाबू पांडेय, बसपा के सत्यपाल और सीपीआई(एम) के अनंत आकाश सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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