
देहरादून, 3 जुलाई। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में व्यस्त होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित काम प्रभावित होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बीएलओ की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने केंद्र पर विभागीय कार्य भी करें।
शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि विभाग की अधिकांश योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं और उनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है। यदि पोषण ट्रैकर और अन्य योजनाओं का डेटा समय पर अपडेट नहीं हुआ तो भविष्य में मिलने वाला बजट प्रभावित हो सकता है। उन्होंने विभागीय सचिव को सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी करने को कहा।
बैठक के बाद रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 438 और सहायिकाओं के 2,773 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने अगस्त माह के अंत तक सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां पूरी कर प्रदेश में शत-प्रतिशत पद भरने के निर्देश दिए।मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाए जाने की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलाई के अंत तक सभी बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनवाना सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन लेने, पोषण ट्रैकर ऐप पर समय से डेटा अपलोड करने, पोषण सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सभी केंद्रों पर बिजली, पानी, शौचालय और रसोई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।







