
टिहरी गढ़वाल, 05 जून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की प्रमुख परियोजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, पेयजल योजनाओं, पर्यटन विकास और आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में पेयजल, सीवर और जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जल जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा गया।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल पुलों तथा लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य तथा रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों और आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत की स्थिति की समीक्षा की गई। सिंचाई विभाग ने नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी, जबकि मुनि की रेती क्षेत्र में वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य तथा चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने नई टिहरी में राजकीय पॉलिटेक्निक के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मालरोड सौंदर्यीकरण परियोजना और विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की गई।
बैठक में पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल आपूर्ति की मांग, रखरखाव के लिए बजट की कमी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और होटलों के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न ब्लॉकों में कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की जानकारी देते हुए फूड कार्ट, डेयरी, मशरूम उत्पादन, मत्स्य पालन, ड्रैगन फ्रूट, बकरी पालन और हर्बल उत्पादों से जुड़े प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया।
वन विभाग ने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल संग्रहण की प्रगति से अवगत कराया, जबकि “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। कृषि, उद्यान, मत्स्य, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी और जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित छह पर्यटन क्लस्टरों की योजनाओं पर भी विचार किया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।









