
देहरादून। मेडिकल लैब तकनीशियन संघ के बैनर तले चल रहा ।बेरोजगार डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को 13वें दिन भी जारी रहा अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत तकनीशियनों ने धरना स्थल पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा विरोध स्वरूप अपनी डिग्रियों की प्रतियां जलाकर रोष व्यक्त किया।
आंदोलनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्षों की कठिन मेहनत और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों को स्थायी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार सरकारी प्रयोगशालाओं के निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर बी.एससी. एमएलटी (B.Sc. MLT) जैसे पाठ्यक्रमों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम वर्ष 1995 से संचालित हो रहा है और वर्तमान में राज्य के 80 से अधिक महाविद्यालयों तथा चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में इसकी पढ़ाई कराई जा रही है।
पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य में आज भी उत्तर प्रदेश काल की नियमावली लागू है, जिसमें डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं किए गए हैं। इसके कारण हजारों युवा लाखों रुपये खर्च कर डिग्री हासिल करने के बावजूद रोजगार से वंचित हैं और बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।धरना स्थल पर संगठन के अध्यक्ष आशीष खाली, महासचिव मयंक राणा, संगठन मंत्री अनुराग पंत, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट सहित बड़ी संख्या में डिग्रीधारी लैब तकनीशियन मौजूद रहे।







