अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का 31 मई होगा समापन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली, 30 मई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की चल रही राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का रविवार को समापन होगा। बैठक के अंतिम दिन शिक्षा, अर्बन माओवाद, महिला सुरक्षा और वैश्विक परिदृश्य से संबंधित चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा।

बैठक में देशभर से आए कार्यकर्ता-प्रतिनिधियों ने शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक चुनौतियों, भारतीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र तथा महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की। विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर गहन विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया।
बैठक के दौरान अभाविप ने भारतीय उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। परिषद का मानना है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए अनुसंधान संबंधी अवसंरचना और नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए सरकारी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच समन्वित सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में अनुसंधान एवं विकास पर सकल घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत से भी कम व्यय किया जाता है, जिसमें अधिकांश योगदान सरकारी संस्थानों का है।उन्होंने भारतीय उद्यमियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा सहित उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि उद्योग जगत के संसाधनों और शैक्षणिक संस्थानों की क्षमता का समन्वय आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेगा।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, ज्ञान सृजन और नवाचार का आधार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुसंधान में बढ़ा हुआ निवेश भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाएगा।

Leave a Comment

और पढ़ें