
देहरादून 30 मई। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरादून के जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा शुक्रवार को छावनी बोर्ड परिषद क्लेमेनटाउन में तंबाकू निषेध जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिषद के सफाई निरीक्षकों, कर्मचारियों एवं अन्य स्टाफ ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तंबाकू उत्पादों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही तंबाकू कंपनियों द्वारा आकर्षक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार के माध्यम से युवाओं को तंबाकू की लत लगाने की रणनीतियों से भी अवगत कराया गया।
इस वर्ष की थीम “तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना” पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू का सेवन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। युवाओं और किशोरों को तंबाकू कंपनियों के भ्रामक प्रचार से सावधान रहने तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी उपस्थित जनसमूह को तंबाकू निषेध का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।
इस अवसर पर तंबाकू नियंत्रण एवं कोटपा अधिनियम 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में पुलिस विभाग से कृपाल सिंह एवं मोहन सिंह, शिक्षा विभाग से ललित किशोर शर्मा तथा दून इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य, छावनी परिषद के सफाई निरीक्षक सोनू लाला एवं अमित कुमार तथा सामाजिक कार्यकर्ता ताजबर सिंह भंडारी शामिल रहे।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में कोटपा अधिनियम-2003 के निर्धारित मानकों को पूरा करने पर छावनी बोर्ड परिषद क्लेमेनटाउन को तंबाकू मुक्त परिषद घोषित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. निधि रावत, डॉ. अनुराधा, अर्चना उनियाल, रेखा उनियाल, अनुराग उनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







