नई दिल्ली, 16 मई 2026: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ‘ऑपरेशन रोनेपिल के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर जब्त किया है। इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े एक सीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है। जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 182 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी सफलता पर एनसीबी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति का मजबूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रोनेपिल ‘ऑपरेशन ’ के जरिए पहली बार भारत में “कैप्टागन” नामक ड्रग की जब्ती हुई है, जिसे मध्य-पूर्व में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है।
एनसीबी को एक विदेशी एजेंसी से सूचना मिली थी कि भारत का उपयोग कैप्टागन तस्करी के ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किया जा रहा है। इसी आधार पर 11 मई को दिल्ली के नेब सराय क्षेत्र में छापेमारी कर एक मकान से 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई, जिसे चपाती कटिंग मशीन में छिपाकर रखा गया था। यह खेप सऊदी अरब के जेद्दा भेजी जानी थी।
पूछताछ के बाद 14 मई को गुजरात के मुंद्रा स्थित कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन से एक कंटेनर में छिपाकर रखे गए 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर को भी बरामद किया गया। यह कंटेनर भेड़ की ऊन के नाम पर सीरिया से आयात किया गया था। जांच में सामने आया कि पूरी खेप को खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब भेजने की योजना थी।
एनसीबी के अनुसार, यह भारत में कैप्टागन की पहली बड़ी जब्ती है और इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा भारत को ट्रांजिट हब बनाने की साजिश का खुलासा हुआ है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े हवाला कनेक्शन, लॉजिस्टिक्स चैन, अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों और अन्य लिंक की गहन जांच कर रही है।
एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी जानकारी को मानस हेल्पलाइन (1933) पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।








