भालुओं से फसल नुकसान पर मुआवजे की मांग

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देहरादून 15 मई।भालुओं द्वारा फसलों को हो रहे भारी नुकसान के खिलाफ राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने शुक्रवार को वन विभाग मुख्यालय, राजपुर रोड पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में भालू की वेशभूषा पहनकर विरोध जताया और वाइल्डलाइफ वार्डन विवेक पांडे के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि भालुओं से फसल नुकसान पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए नेताओं ने बताया कि वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि भालू से फसल क्षति पर मुआवजा देने की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि अन्य वन्यजीवों से नुकसान पर मुआवजा दिया जाता है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि पहाड़ का किसान पहले ही कठिन परिस्थितियों में खेती करता है, ऐसे में भालुओं द्वारा फसल बर्बाद कर दिए जाने पर मुआवजा न मिलना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा और स्थायी समाधान नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने भी सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन स्तर पर इस मुद्दे पर कोई ठोस आदेश तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।जिला अध्यक्ष नवीन पंत ने बताया कि वन विभाग चार महीने पहले ही प्रस्ताव शासन को भेज चुका है, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे सैकड़ों किसान परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने मांग की कि भालुओं से हुए फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कर मुआवजा दिया जाए और भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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