
देहरादून, 30 मार्च।
प्रदेश के नारी निकेतनों में रहने वाली महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए सरकार जल्द ही महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखा जाए।
सोमवार को मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के केदारपुर स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नारी निकेतन की अधीक्षिका, कर्मचारियों और शव बरामद करने वाली चौकीदार से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परिसर के सभी हिस्सों को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने, उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में नारी निकेतन का कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मौके से ही एसएसपी देहरादून से फोन पर बातचीत कर पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
इस प्रकरण के बीच मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की समुचित देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके।







