क्यूआर कोड से ट्रैक होंगे ट्रेन में मिलने वाले खाने के पैकेट

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नई दिल्ली, 19 मार्च। ने ट्रेनों में अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाने और यात्रियों को सुरक्षित व प्रमाणित खानपान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ट्रेनों में खानपान से जुड़े सभी अधिकृत विक्रेताओं को क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, वहीं खाद्य पैकेट भी डिजिटल रूप से ट्रेस किए जा सकेंगे।

रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में बिना अनुमति सामान बेचना रेल अधिनियम, 1989 की धारा 144 के तहत दंडनीय अपराध है। इस पर नियंत्रण के लिए नामित अधिकारियों और रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष अभियान भी समय-समय पर संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अनधिकृत विक्रेताओं की घुसपैठ रोकी जा सके।

अब खानपान सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए हर अधिकृत विक्रेता, सहायक और कर्मचारी के लिए क्यूआर कोड आधारित आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इस क्यूआर कोड में संबंधित व्यक्ति का नाम, आधार विवरण, मेडिकल फिटनेस और पुलिस सत्यापन जैसी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को विक्रेता की पहचान सुनिश्चित करने में आसानी होगी।

इसके अलावा, भोजन की गुणवत्ता और स्रोत की जानकारी देने के लिए खाद्य पैकेटों पर भी क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस कोड के जरिए यात्रियों को रसोई का नाम, भोजन तैयार होने की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

रेलवे ने साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता सुधारने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। निर्धारित बेस किचन से ही भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और आधुनिक किचनों की स्थापना की जा रही है। इन किचनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी की जा सके।

खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए का प्रमाणन सभी खानपान इकाइयों के लिए अनिवार्य किया गया है। साथ ही, पेंट्री कार और बेस किचन में नियमित सफाई, कीट नियंत्रण, औचक निरीक्षण और तृतीय-पक्ष ऑडिट की व्यवस्था भी लागू की गई है।

रेलवे के अनुसार, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से खाद्य नमूनों की जांच की जाएगी और ग्राहक संतुष्टि सर्वे भी कराए जाएंगे। वहीं, द्वारा खानपान कर्मचारियों को बेहतर सेवा, व्यवहार, स्वच्छता और ग्राहक संवाद के लिए नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। रेलवे का मानना है कि इन उपायों से यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और भरोसेमंद भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और अनधिकृत बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी।

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