
देहरादून, 03 मार्च । सविन बंसल के संवेदनशील एवं दूरदर्शी प्रयासों से सड़क पर भटकता और भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त बचपन अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर ऐसे बच्चों के जीवन में नई आशा की किरण बनकर उभरा है। यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत अब तक 174 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। रेस्क्यू अभियान के माध्यम से चिन्हित बच्चों को सेंटर में लाकर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है। संबंधित विभागों की समन्वित कार्यवाही से इन बच्चों का औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसी क्रम में हरीश, जो पहले किसी विद्यालय में नामांकित नहीं था, मई 2025 में सेंटर से जुड़ा। अगस्त 2025 में उसे कक्षा 6 में साधुराम इंटर कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया। वर्तमान में वह नियमित रूप से अध्ययन कर रहा है तथा खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर अपनी सक्रियता और प्रतिभा का परिचय दे रहा है।
सेंटर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संगीत, योग, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में बच्चों ने उत्साहपूर्वक होली का पर्व मनाया। कभी मुरझाए चेहरों पर अब रंगों की चमक और मुस्कान साफ दिखाई दे रही है। तीज-त्योहारों में सहभागिता से बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित हो रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।
आज जो बच्चे कभी सड़कों पर जीवनयापन कर रहे थे, वही अब विद्यालयों में नियमित अध्ययन कर रहे हैं, खेल प्रतियोगिताओं और मैराथन में भाग ले रहे हैं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं। उनकी बदलती जिंदगी समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।






