देहरादून 02 मार्च ।उत्तराखंड सत्य साई संगठन के तत्वावधान में विद्या ज्योति सेवा प्रोजेक्ट का एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश में विद्या ज्योति परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा विस्तार और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की रूपरेखा तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, तीन ओंकार उच्चारण एवं गणपति वंदना के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संगठन पदाधिकारी, शिक्षाविद्, बालविकास गुरु एवं स्वयंसेवकों ने भागीदारी की।
मुख्य वक्ता एवं सेंट्रल जोन प्रेसिडेंट भरत झावर ने कहा कि विद्या ज्योति केवल शैक्षणिक परियोजना नहीं बल्कि संस्कार सेवा और समर्पण पर आधारित एक व्यापक अभियान है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि अधिकाधिक विद्यालयों को इस परियोजना से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठित प्रयासों से उत्तराखंड शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित कर सकता है।
उन्होंने संगठन के राज्य स्तरीय नेतृत्व की सराहना करते हुए स्टेट प्रेसिडेंट कर्नल योगेंद्र सिंह एवं एसवीपी कैप्टन अजय स्वरूप नौटियाल के प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में डॉ. अपर्णा तिवारी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर शिक्षा के मानवीय एवं नैतिक पक्षों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह जीवन मूल्यों के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए। अंजली वर्मा ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
तकनीकी सत्र में आर्किटेक्ट श्रीलता रामकुमार ने विद्या ज्योति सेवा प्रोजेक्ट पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें प्रशिक्षण शिविरों की संरचना, विभिन्न चरणों की प्रगति, ग्रामीण एवं विद्यालय आधारित मॉड्यूल, बालविकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट दिशा प्राप्त हुई।
द्वितीय सत्र में प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और परियोजना संचालन से जुड़े सुझाव रखे। आगे का रास्ता विषय पर डॉ. राकेश वर्मा ने समन्वित योजना, सतत प्रशिक्षण एवं नियमित समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।स्टेट प्रेसिडेंट कर्नल योगेंद्र सिंह ने बताया कि आने वाले समय में राज्य के अधिकाधिक विद्यालयों को विद्या ज्योति से जोड़ा जाएगा तथा बालविकास कार्यक्रमों को और सशक्त बनाया जाएगा। अंत में कैप्टन अजय स्वरूप नौटियाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।


Author: Day Night Khabar
Post Views: 26







