देहरादून में IS 21101:2014 पर मानक मंथन का आयोजन, 

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एडवेंचर पर्यटन में सुरक्षा मानकों पर गहन विमर्श

देहरादून।भारतीय मानक  देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा होटल रीजेंटा, नियर आईएसबीटी, देहरादून में “मानक मंथन” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था — IS 21101:2014 के अनुसार एडवेंचर टूरिज्म सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम की आवश्यकताएँ। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।
इस अवसर पर एडवेंचर टूरिज्म ऑपरेटर, प्रमाणन निकाय, परीक्षण एवं निरीक्षण एजेंसियाँ, नियामक संस्थाएँ तथा उपभोक्ता प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर सचिव, पर्यटन विभाग उत्तराखंड, अभिषेक रुहेला ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में एडवेंचर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य को सुरक्षित एवं जिम्मेदार एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), प्रभावी जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। उन्होंने सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास कर एडवेंचर पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया।
बीआईएस देहरादून के निदेशक एवं प्रमुख सौरभ तिवारी ने IS 21101:2014 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बीआईएस द्वारा विकसित मानक एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों में एक सुदृढ़ एवं जोखिम-आधारित प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने का आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली की अनिवार्यता तथा उद्योग, सेवा प्रदाताओं और नियामक संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में आईएयू के अध्यक्ष पंकज गुप्ता तथा एसएमएयू के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग उपस्थित रहे। उन्होंने उद्योग के दृष्टिकोण से सुरक्षा मानकों के अनुपालन को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि मानकीकरण से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि उपभोक्ता विश्वास भी सुदृढ़ होगा।
तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा के प्रतिनिधि रविंद्र डोगरा ने IS 21101:2014 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सुरक्षा नीति एवं नेतृत्व की भूमिका, संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्धारण, गतिविधि-विशिष्ट जोखिमों की पहचान एवं मूल्यांकन, जोखिम नियंत्रण उपाय, संचालन नियंत्रण एवं मानकीकृत कार्यप्रणाली, उपकरणों का नियमित निरीक्षण, प्रतिभागियों की सुरक्षा ब्रीफिंग, आपातकालीन तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, रेस्क्यू प्लान एवं मॉक ड्रिल, प्रशिक्षित एवं प्रमाणित गाइड की आवश्यकता, क्षमता निर्माण, घटना रिपोर्टिंग प्रणाली, आंतरिक ऑडिट, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा सतत सुधार की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि IS 21101:2014 केवल अनुपालन का दस्तावेज नहीं, बल्कि एडवेंचर पर्यटन में सुरक्षा संस्कृति विकसित करने का एक व्यापक प्रबंधन ढांचा है।
बीआईएस के उपनिदेशक दर्पण चलिया ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में मानकीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली से उपभोक्ता विश्वास में वृद्धि होती है और उद्योग को दीर्घकालिक स्थिरता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान IS 21101:2014 के प्रमुख प्रावधानों, प्रभावी कार्यान्वयन, संभावित संशोधनों तथा राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं पर खुली चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए, जिससे एडवेंचर पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को अधिक व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।कार्यक्रम का समापन एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित, उत्तरदायी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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