देहरादून 26 फरवरी ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार तक हर स्तर पर संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि एक क्लिक के जरिए हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त कर कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार यह योजना संचालित कर रही है। योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये तथा 12वीं उत्तीर्ण करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि अब तक 3,77,784 बालिकाओं को कुल 11 अरब 68 करोड़ 49 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित कर रही है। राज्य में सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उनकी भागीदारी बढ़ी है और कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के प्रयास भी कर रही है। नंदा गौरा योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में लैंगिक असमानता दूर करने के उद्देश्य से प्रभावी साबित हुई है।
कार्यक्रम में विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि इस वर्ष लाभान्वित होने वाली बालिकाओं में 5,913 नवजात हैं, जबकि 27,338 बालिकाओं को 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सचिव चंद्रेश कुमार, विभागीय निदेशक बंशीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







