धौलास भूमि प्रकरण में जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, पैमाइश के साथ जांच शुरू

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देहरादून, 12 फरवरी। हरियावाला, धौलास स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि के कथित अनियमित विक्रय के मामले में मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिला प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित कदम उठाते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की, जिसने गांव धौलास में संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण और पैमाइश की।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट को पूर्व में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटित की गई थी। अब यह जांच की जा रही है कि आवंटन की शर्तों और निर्धारित उद्देश्यों का पालन हुआ या नहीं, साथ ही भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है। तहसील प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम विस्तृत जांच में जुटी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट द्वारा करीब 20 एकड़ कृषि भूमि 15 लोगों को बड़े भूखंडों के रूप में बेची गई। इसके बाद इन खरीदारों ने जमीन को 70-80 अन्य लोगों को छोटे प्लॉट में बांटकर बेच दिया। जबकि अनुमति इस शर्त पर दी गई थी कि भूमि का स्वरूप कृषि ही रहेगा और उसे अकृषि घोषित कर विक्रय नहीं किया जाएगा।
एडीएम ने स्पष्ट किया कि पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट मिलते ही जमींदारी एक्ट के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) पहले ही धौलास गांव में बिना मानचित्र स्वीकृति के की जा रही अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई कर चुका है। प्राधिकरण ने अवैध बाउंड्री, आंतरिक सड़कों और अन्य निर्माणों को ध्वस्त किया था। साथ ही क्षेत्र में नोटिस बोर्ड लगाकर लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अवैध प्लाटिंग में निवेश न करें और भूमि खरीद से पहले एमडीडीए से आवश्यक जानकारी जरूर लें, अन्यथा जोखिम स्वयं का होगा।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी, राजस्व उप निरीक्षक और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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