1 फरवरी से बीएलओ संपर्क अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत
2003 की मतदाता सूची से की जा रही है वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग
युवा एवं महिला मतदाताओं की मैपिंग पर रहेगा विशेष जोर
देहरादून 30 जनवरी।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से पूर्व की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेश में बीएलओ संपर्क अभियान के माध्यम से प्रत्येक मतदाता तक पहुंच, समन्वय एवं संवाद स्थापित करने हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के कुल 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूर्ण कर ली गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित संपूर्ण निर्वाचन तंत्र ने उत्साहपूर्वक कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ संपर्क अभियान का दूसरा चरण 1 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया जाएगा, जो 15 फरवरी 2026 तक संचालित रहेगा। इस चरण में युवा एवं महिला मतदाताओं की मैपिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
2003 की मतदाता सूची में आसानी से खोज सकेंगे अपना नाम
डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से पूर्व चरण में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में सम्मिलित मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे इस अभियान में अपने बूथ स्तर अधिकारी का सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। यहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, स्वयं तथा अपने पिता अथवा पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त गली, मोहल्ला एवं क्षेत्र के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
राजनीतिक दलों से बूथ स्तर अभिकर्ता नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से अपने-अपने बूथ स्तर अभिकर्ता नियुक्त करने की अपील की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 12,070 बूथ स्तर अभिकर्ताओं की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शत-प्रतिशत बूथ स्तर अभिकर्ता नियुक्त करने की अपील की है।









