देहरादून 30 जनवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म “आखिरी कोशिश” का विमोचन किया गया। यह शॉर्ट फिल्म राज्य सरकार के उस ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है, जिसने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मजबूत नींव रखी है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लागू किए गए इस कठोर कानून ने वर्षों से सक्रिय नकल माफिया की कमर तोड़ दी है। सख्त कानून और प्रभावी क्रियान्वयन का सीधा असर यह रहा कि प्रदेश में 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली।
शॉर्ट फिल्म “आखिरी कोशिश” ईमानदारी, मेहनत और न्याय पर आधारित व्यवस्था का सशक्त संदेश देती है। फिल्म यह दर्शाती है कि कैसे नकल और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा प्रणाली युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह फिल्म न केवल युवाओं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन प्रणाली की मजबूत आधारशिला है।
शॉर्ट फिल्म युवाओं से अपील करती है कि वे इसे अवश्य देखें और ईमानदारी, आत्मविश्वास व परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। “आखिरी कोशिश” उत्तराखंड की उस नई पहचान को दर्शाती है, जहां मेहनत की जीत और नकल की हार सुनिश्चित की गई है।









