मुख्यमंत्री ने Manthon-2025 महिला विशेष नेशनल लीडर्स समिट में किया प्रतिभाग

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मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित
देहरादून 27 दिसंबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और प्रदेश को भी आगे बढ़ाया है। महिलाएं राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “नारी तू नारायणी” के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, लखपति दीदी योजना तथा ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत की नारीशक्ति आज उद्योग, कला, शिक्षा, विज्ञान, खेल, अनुसंधान और सेना सहित हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया गया है। 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा प्रदान की जा रही है। राज्य में “हाउस ऑफ हिमालयाज” नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और इन-हाउस स्टोर्स के जरिए बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब 5 लाख महिलाएं संगठित होकर व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक नेतृत्व की मिसाल पेश कर रही हैं। 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास है। महिलाओं के कार्यों को देखते हुए राज्य सरकार उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए सशक्त इकोसिस्टम विकसित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। पारंपरिक कला, कृषि उत्पाद, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमियों के स्टार्टअप उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “एचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” की श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और महिलाओं की सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी (सेनि), मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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