
हीरक जयंती समारोह में बोले मुख्यमंत्री: “यह विद्यालय राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की महान पाठशाला”**
एनडीए में सर्वाधिक चयन और लगातार 10वीं बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी जीत—सीएम ने कैडेट्स को दी बधाई
उत्तराखंड सरकार सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध—अनुग्रह अनुदान 5 गुना बढ़ाने सहित अनेक फैसले
भवाली (नैनीताल), 13 दिसंबर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल राष्ट्र को अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा देने में अग्रणी रहा है और उसकी उत्कृष्टता पूरे देश में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और कैडेट्स का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल सैनिक स्कूल न केवल आधुनिक शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी के भाव विकसित करने की श्रेष्ठ पाठशाला है।
“घोड़ाखाल की मिट्टी में जज्बा और अनुशासन की खुशबू” — सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा कि यह विद्यालय सिर्फ किताबों की शिक्षा नहीं देता, बल्कि एक आदर्श नागरिक और उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी बनाने की नींव रखता है। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में ऐसा जज्बा है जो यहां पढ़ने वाले छात्रों को विशिष्ट पहचान दिलाता है और आगे चलकर उन्हें देश की सेना, नौसेना और वायुसेना में नेतृत्वकर्ता बनाता है।
मुख्यमंत्री ने एनडीए में सर्वाधिक चयन प्राप्त करने और लगातार 10वीं बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी जीतने के लिए कैडेट्स, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की अनुशासन, दृढ़ संकल्प और गुणवत्ता की जीवंत मिसाल है।
“मैं स्वयं एक सैनिक पुत्र हूँ”—सीएम धामी का भावुक संबोधन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते वे सैनिक परिवारों की चुनौतियों और उनके अनुशासन से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल की वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि अनुशासन, सम्मान और राष्ट्रसेवा का वचन है।
उन्होंने कैडेट्स को संदेश दिया कि जीवन में लिया गया संकल्प हमेशा विकल्प-रहित होना चाहिए, तभी सफलता सुनिश्चित होती है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना और सैनिक स्कूलों को मिली नई दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण और सैनिक स्कूलों के विस्तार के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं।
रक्षा बजट में निरंतर वृद्धि
सैन्य उपकरणों का भारत द्वारा बड़े पैमाने पर निर्यात
वन रैंक-वन पेंशन का ऐतिहासिक क्रियान्वयन
इन कदमों को उन्होंने देश की सैन्य शक्ति को नया आयाम देने वाला बताया।
उत्तराखंड सरकार सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
शहीदों के परिजनों को मिलने वाला अनुग्रह अनुदान 5 गुना बढ़ाया गया है
शहीद के एक आश्रित को सरकारी नौकरी का प्रावधान
वीरता पुरस्कारों की एकमुश्त और वार्षिकी राशि में बढ़ोतरी
देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है, जहाँ के बेटे सदियों से देश की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं।
उत्कृष्ट कैडेट्स को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सीनियर हाउस कैडेट्स सहित कई पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह और उनकी टीम को शिक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए साधुवाद दिया।
कार्यक्रम में शामिल रहे
विधायक सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।





