कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय : विकास, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को नई दिशा

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देहरादून, 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में जनहित, अवसंरचना विकास, शहरी नियोजन, तकनीकी शिक्षा, कृषि–पशुपालन, परिवहन और राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से राज्य में विकास, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलने जा रही है।

बैठक में पारेषण लाइन निर्माण से प्रभावित भू-स्वामियों के मुआवज़े में बड़ी बढ़ोतरी को स्वीकृति दी गई। अब पिटकुल के दिशा-निर्देशों के अनुसार टावर के चारों कोनों और एक मीटर परिधि वाले क्षेत्र का मुआवजा सर्किल रेट का दोगुना होगा। पारेषण लाइन के नीचे आने वाली भूमि के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 30%, अर्द्ध-नगरीय में 45% और नगरीय क्षेत्रों में 60% मुआवजा दिया जाएगा। सर्किल और बाज़ार मूल्य में अंतर की स्थिति में समिति द्वारा तय मुआवजा लागू होगा, जिसमें भू-स्वामियों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।

मंत्रिमंडल ने ‘उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंध संशोधन) अध्यादेश 2025’ को भी मंजूरी प्रदान की। इसमें छोटे अपराधों में कारावास के स्थान पर मौद्रिक दंड लागू किया गया है। दंडों में वृद्धि के साथ हर तीन वर्षों में 10% स्वतः बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है, जबकि गंभीर या बार-बार अपराध करने पर कारावास की व्यवस्था यथावत रहेगी।

राज्य में ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए SASCI 2025–26 के अंतर्गत ग्रीन बिल्डिंग, ठंडी छत (कूल रूफ), हरित छत (ग्रीन रूफ) और ऊर्जा दक्षता मानकों को अनिवार्य किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक पहाड़ी शैली और मैदानी क्षेत्रों में पारंपरिक स्थानीय निर्माण तकनीक को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

भवन उपविधियों को युक्तिसंगत बनाते हुए होटल, रिजॉर्ट और इको-रिजॉर्ट निर्माण से संबंधित FAR, ऊँचाई और मार्ग-चौड़ाई के प्रावधानों में संशोधन किया गया है। अब कृषि भूमि पर रिजॉर्ट निर्माण के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। रिजॉर्ट तक पहुँचने वाले मार्ग की चौड़ाई पर्वतीय क्षेत्रों में 6 मीटर और मैदानी क्षेत्रों में 9 मीटर निर्धारित की गई है।

नगर एवं क्षेत्रीय नियोजन को सुचारू बनाने के लिए “उत्तराखंड टाउन प्लानिंग स्कीम (कार्यान्वयन) नियमावली 2025” को अनुमोदन प्रदान किया गया, जिससे सभी आय वर्गों के लिए एकीकृत सड़क नेटवर्क, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसी क्रम में राज्य ने “उत्तराखंड भूमि समूह (लैंड पूलिंग) योजना 2025” को मंजूरी देकर शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास के लिए बाधारहित भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

तकनीकी शिक्षा विभाग में सुधार करते हुए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी भर्ती अब लोक सेवा आयोग के बजाय विश्वविद्यालय स्वयं करेगा। लोक निर्माण विभाग की कनिष्ठ अभियंता सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए विभागीय कर्मचारियों के लिए 5% पदोन्नति को सरल बनाया गया और “स्वीकृत पदों की संख्या के अनुपात” वाले प्रावधान को हटाकर 10 वर्ष सेवा पर सीधे पात्रता सुनिश्चित की गई।

कैबिनेट ने पिथौरागढ़ के नैनी–सैनी हवाईअड्डे को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को स्थायी रूप से हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। अब एयरपोर्ट के विकास, आधुनिकीकरण और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी AAI संभालेगा। इसके लिए राज्य सरकार और AAI के बीच एक एमओयू किया जाएगा।

सितारगंज के भूमिहीन और विस्थापित परिवारों को राहत देते हुए भूमि विनियमितीकरण शुल्क पर वर्ष 2004 के सर्किल रेट लागू किए गए हैं। एक वर्ष बाद प्रचलित दरें लागू होंगी, जिससे प्रभावित परिवारों को भूमि का मालिकाना हक प्राप्त करने में सहूलियत होगी।

घस्यारी कल्याण योजना और डेयरी विकास योजना में साइलेंज पर दी जाने वाली सब्सिडी को 75% से घटाकर 60% कर दिया गया है, ताकि बढ़ती मांग को देखते हुए अधिक पशुपालकों को लाभ मिल सके। देहरादून में रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड परियोजनाओं को गति देने हेतु इन्हें GST और रॉयल्टी से छूट दी गई है। निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा जबकि भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी स्थानांतरण का व्यय राज्य वहन करेगा।

सगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर “परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान संस्थान (IPAR)” करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य में बीएस-1 और बीएस-2 वाहनों को स्क्रैप करने पर नई गाड़ी के पंजीकरण में मोटरयान कर का 50% छूट दी जाएगी।

मंत्रिमंडल ने “मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना” को भी मंजूरी दी, जिसके तहत उच्च शिक्षा और कक्षा 11–12 के विद्यार्थियों को UPSC, PCS, रक्षा सेवाओं, बैंकिंग, SSC, JEE, NEET, CLAT, GATE जैसी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें एआई आधारित कक्षाएं, मेंटरिंग, लाइव सेशन और बहुभाषी सामग्री की सुविधा होगी। कोचिंग संस्थाओं का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत देहरादून में अभियोजन निदेशालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई, जो अभियोजन निदेशक के नेतृत्व में पूरी अभियोजन प्रक्रिया को एकीकृत रूप से संचालित करेगा। इसके साथ ही वित्त विभाग के प्रस्तावित जीएसटी संशोधन अध्यादेश को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

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