
देहरादून 8 दिसंबर। राजधानी में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया की ताकत और उसकी बढ़ती जिम्मेदारियों पर प्रभावशाली संबोधन दिया। देश–प्रदेश से आए कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमियों, व्लॉगर्स और युवा इन्फ्लुएंसर्स की उपस्थिति में उन्होंने कहा कि आज का इन्फ्लुएंसर केवल कंटेंट क्रिएटर नहीं, बल्कि “सोशल चेंज मेकर” है, जो समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया अब सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत पुल बन चुका है। उन्होंने बताया कि पहले शिकायतों के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि अब “एक ट्वीट से तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो गया है।” इसे उन्होंने डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में बड़ा परिवर्तन बताया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं के साथ अनौपचारिक संवाद में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047” दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका पर कहा कि देश तभी विकसित होगा जब हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिला सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचा, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में तेज़ प्रगति हो रही है।
भ्रष्टाचार से जुड़े एक प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड अपनी GSDP दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा कर चुका है। पर्वतीय क्षेत्रों में हेली कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के MOU साइन हुए हैं, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। पर्यटन में भी हर वर्ष रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है और शीतकालीन यात्रा के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं।
महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पूरे देश के लिए मिसाल बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा बनाए गए अनेक स्थानीय उत्पाद गुणवत्ता में मल्टीनेशनल कंपनियों से भी बेहतर हैं।
राज्य की नई सोशल मीडिया नीति पर मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष तक इसे लागू कर दिया जाएगा। यह नीति सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण और युवाओं को डिजिटल माध्यमों पर अधिक अवसर देने पर केंद्रित होगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अत्यंत प्रभावशाली मंच बन चुका है, लेकिन इसके दुरुपयोग की घटनाएँ भी चिंता का विषय हैं। मुख्यमंत्री ने क्रिएटर्स से फेक न्यूज़, अफवाहों और भ्रामक सामग्री पर सतर्क रहने तथा सही जानकारी जनता तक पहुँचाने की अपील की।
व्यूज की दौड़ में नकारात्मक सामग्री फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रसिद्धि की चाह में नैतिकता न भूलें।” उन्होंने कहा कि राज्य के पर्यटन, संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी सकारात्मक सामग्री न केवल उत्तराखंड की छवि को मजबूत करेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ देगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि क्रिएटर्स को किसी समस्या, जनहित मुद्दे या शिकायत की जानकारी मिलती है तो उसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर ऐसी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और इस संकल्प को साकार करने में क्रिएटर कम्युनिटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, प्रसिद्ध जागर गायक प्रीतम भरतवाण सहित बड़ी संख्या में सोशल मीडिया क्रिएटर्स उपस्थित रहे।







