देहरादून 8 दिसंबर।
गढ़वाल वन प्रभाग के पौड़ी रेंज अंतर्गत ग्राम गजल्ड में 4 दिसंबर को गुलदार के हमले में 42 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल की मृत्यु के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश गहराता जा रहा है। मानव जीवन के लिए खतरनाक हो चुके गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार पिंजरा लगाकर और ट्रैंक्विलाइज़ कर कब्जे में लेने के प्रयास कर रही है। दो विभागीय शिकारी भी मौके पर तैनात हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
घटना के बाद बढ़ते जनदबाव और सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण, आयुक्त कुमाऊँ जोन, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल, वन संरक्षक गढ़वाल वृत्त, जिलाधिकारी पौड़ी तथा संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने बैठक में स्पष्ट कहा कि गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से वे बेहद आतंकित हैं और तत्काल सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि पौड़ी जनपद के दो अनुभवी स्थानीय शिकारी जॉय हयुकिल चोपड़ा, पौड़ी गढ़वाल,
राकेश चंद्र बड़थ्वाल सेवानिवृत्त सहायक जिला पंचायत अधिकारी, समीप सर्किट हाउस, पौड़ी को विभागीय शिकारी दल की सहायता के लिए मोर्चे पर लगाया जाए। दोनों शिकारी क्षेत्र से भली-भांति परिचित हैं और इस प्रकार के अभियानों का भरपूर अनुभव रखते हैं।
यह अनुमति पहले से जारी आदेश (पत्रांक 1900/6-28, दिनांक 4 दिसंबर 2025) के अंतर्गत प्रभावी रहेगी। अनुमति अवधि 18 दिसंबर 2025 तक निर्धारित है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि इन दोनों शिकारियों की प्रभावी तैनाती के साथ एक वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान को तेजी और सुदृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।







