हरिद्वार 29 नवम्बर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को 2027 हरिद्वार कुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारियों पर गंगा तट पर सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतों के साथ व्यापक बैठक की। कुंभ से जुड़े मुद्दों पर गंगा किनारे इस प्रकार की यह पहली बैठक रही। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की औपचारिक घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रमुख स्नान तिथियाँ इस प्रकार हैं—
14 जनवरी 2027: मकर संक्रांति
06 फरवरी 2027: मौनी अमावस्या
11 फरवरी 2027: वसंत पंचमी
20 फरवरी 2027: माघ पूर्णिमा
06 मार्च 2027: महाशिवरात्रि (अमृत स्नान)
08 मार्च 2027: फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान)
07 अप्रैल 2027: नव संवत्सर (नव वर्ष)
14 अप्रैल 2027: मेष संक्रांति (अमृत स्नान)
15 अप्रैल 2027: श्रीराम नवमी
20 अप्रैल 2027: चैत्र पूर्णिमा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में अखाड़ों की परंपराओं, आवश्यकताओं और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने संत समुदाय का आशीर्वाद पाकर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया तथा कहा कि संतों के सुझाव और मार्गदर्शन के बिना कुंभ की भव्यता की कल्पना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी” बनाने के संकल्प को साकार करते हुए कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2021 में कोरोना महामारी के कारण कुंभ सीमित अवधि और प्रतीकात्मक शाही स्नान के साथ आयोजित हुआ था, लेकिन 2027 का कुंभ 2010 और 2021 की तुलना में कई गुना बड़ा और विशेष होगा। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित व्यापक तैयारी अभी से शुरू कर दी है। राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
अखाड़ों के आचार्यों एवं संतों ने प्रदेश में संस्कृति संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की सराहना की और कुंभ आयोजन में राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री ने संतों एवं अखाड़ा आचार्यों के साथ भोजन भी किया।
इस अवसर पर
श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज (निरंजनी अखाड़ा), श्री महंत कौशल गिरी महाराज (आनंद अखाड़ा), श्री रविन्द्र पूरी महाराज (महानिर्वाणी अखाड़ा), श्री महंत हरिगिरी महाराज (जूना भैरव अखाड़ा), डॉ. साधनानन्द जी महाराज (पंचअग्नि अखाड़ा), श्री महंत सत्यगिरि महाराज (आवाहन अखाड़ा), श्री महंत सत्यम गिरी महाराज (अटल अखाड़ा), श्री महंत मुरली दास महाराज (निर्वाणी अनी अखाड़ा), श्री महंत वैष्णव दास महाराज (दिगम्बर अनी अखाड़ा), श्री महंत राजेन्द्र दास जी महाराज (निर्मोही अनी अखाड़ा), श्री महंत दुर्गादास महाराज (बड़ा उदासीन अखाड़ा), श्री महंत भगतराम दास महाराज (नया उदासीन अखाड़ा), श्री महंत जसविंदर महाराज (निर्मल अखाड़ा) ,सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, हरिद्वार की महापौर श्रीमती किरन जैसल, रुड़की की महापौर अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, सीडीओ ललित नारायण मिश्रा आदि मौजूद रहे।







