राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित
उत्तराखण्ड की रजत जयंती पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में दो दिवसीय भव्य समारोह आयोजित
गैरसैंण (भराड़ीसैंण), 10 नवम्बर।
उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सोमवार को आयोजित दो दिवसीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹98.62 करोड़ की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया तथा खेल, शिक्षा, कृषि और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, फायर सर्विस एवं एनसीसी महिला दस्ते ने शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया, जिसका मुख्यमंत्री ने निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को रजत जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व उन सभी अमर बलिदानियों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड की रजत जयंती पर राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात देकर राज्य के विकास को नई दिशा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखण्ड और मानसखण्ड क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। उन्होंने भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अटल जी ने ही उत्तराखण्ड को अलग राज्य का स्वरूप देने के साथ औद्योगिक पैकेज के माध्यम से मजबूत आधार प्रदान किया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैरसैंण के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य चल रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य की विकास दर में वृद्धि हुई है, कृषकों की आय बढ़ी है तथा बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड देश में प्रथम स्थान पर है और मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड भी राज्य को प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि सख्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्य बना है। मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए और चौखुटिया, ज्योतिर्मठ तथा घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायकगण अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, भरत सिंह चौधरी, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गड़िया, प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, ब्लॉक प्रमुख दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।








