सीबीआई जांच और पुनः परीक्षा से दूर हों भ्रम, सब्र रखें सभी पक्ष: महेंद्र भट्ट
देहरादून 12 अक्टूबर । भाजपा ने कहा है कि यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा में पारदर्शिता और छात्रों के मन से शंका दूर करने के लिए सीबीआई जांच और पुनः परीक्षा का निर्णय सरकार ने छात्रहित में लिया है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिनकी जनता में खुद विश्वसनीयता नहीं बची, वे युवाओं के भविष्य को लेकर भ्रम फैलाने में जुटे हैं।”
भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “बीते चार वर्षों में सरकार ने युवाओं को उतनी नौकरियां दी हैं, जितनी राज्य निर्माण के बाद की सभी सरकारें मिलकर भी नहीं दे सकीं। सबसे अहम बात यह रही कि किसी भी भर्ती परीक्षा में नकल या पेपर लीक की शिकायत तक नहीं आई।”
उन्होंने कहा कि यह संभव हो सका क्योंकि धामी सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया और नकल माफियाओं को जड़ से उखाड़ने का कार्य किया। सैकड़ों आरोपितों को जेल भेजा गया।
भट्ट ने स्वीकार किया कि हाल ही में यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में नकल की एक घटना से छात्रों के बीच संदेह की स्थिति बनी थी। “यही कारण है कि सरकार ने बिना देर किए सीबीआई जांच और परीक्षा निरस्तीकरण दोनों के निर्णय लिए,” उन्होंने कहा। “इससे पहले एसआईटी जांच पहले ही शुरू की जा चुकी थी, लेकिन युवाओं की इच्छा को देखते हुए केंद्र की एजेंसी को जांच सौंपी गई।”
भट्ट ने कहा कि ये सभी कदम परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि “अब सभी को धैर्य रखते हुए जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए।”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए भट्ट ने कहा कि “कांग्रेस नेताओं की विश्वसनीयता जनता के बीच समाप्त हो चुकी है। उनकी ही सरकारों में नकल माफियाओं का बोलबाला था, पेपर लीक के अनगिनत मामले हुए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब राज्य में पारदर्शिता का माहौल बना है तो उन्हें यह रास नहीं आ रहा।”
उन्होंने कहा कि धामी सरकार की ईमानदार कोशिशों से राज्य में परीक्षा प्रक्रिया पर जनता का भरोसा लौटा है। “विपक्ष के नेताओं को यह बात खल रही है क्योंकि अब युवाओं को भड़काने का उनका मुद्दा खत्म हो गया है ।








