14 करोड़ की 82 योजनाओं को स्वीकृति देकर निरस्त किया जाना दलालों पर प्रहार : मोर्चा

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देहरादून 15 जुलाई। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश भर में लगभग 295 योजनाओं हेतु लगभग 38.06 करोड रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से चकराता क्षेत्र की 54 योजनाएं एवं पुरोला क्षेत्र की 28 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिस हेतु लगभग 14 करोड रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिनको आनन-फानन में निरस्त कर दिया गया। आखिर वो कौन से कारण थे, जिनके चलते सिर्फ और सिर्फ चकराता एवं पुरोला क्षेत्र की योजनाओं को ही निरस्त किया गया?
नेगी ने कहा कि सरकार द्वारा चकराता एवं पुरोला क्षेत्र की योजनाओं को निरस्त किया जाना कहीं न कहीं इस बात को दर्शाता है कि इसमें दलालों द्वारा बहुत बड़ी सांठ-गांठ की गई थी, जिसकी भनक लगते ही सरकार द्वारा इन तमाम योजनाओं को निरस्त किया गया है। इसके साथ-साथ इस मामले में कहीं न कहीं कोई घालमेल जरूर हुआ होगा। सवाल इस बात का है कि आखिर वो कौन से दलाल हैं, जो पूरा सिस्टम अपने हाथ में लिए बैठे हैं? इन दलालों की वजह से क्षेत्र में होने वाले अति आवश्यक व वास्तविक विकास कार्य एक तरह से प्रभावित हुए हैं। सरकार को चाहिए कि विभाग व सरकार में बैठे इन दलालों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए, जिससे दलालों के नेक्सस पर लगाम लग सके।
सवाल इस बात का भी उठता है कि आखिर इन दलालों द्वारा ली गयी लाखों-करोड़ों की रकम (कमीशन के रूप में) क्या उन लोगों को हो पाएगी, जिन्होंने रकम भेंट चढ़ाई थी। सरकार का यह कदम निश्चित तौर पर सराहनीय है, लेकिन दलालों द्वारा किया गया यह कृत्य सरकार को गुमराह करने जैसा जरूर है। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि इस मामले की जांच कराये।

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