निवर्तमान पंचायत अध्यक्षों/ब्लाक प्रमुखों के करोड़ों के घोटाले की हो जांच

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आयकर विभाग वालों, संभावित जिला पंचायत अध्यक्षों/ब्लाक प्रमुखों पर भी कसो शिकंजाः मोर्चा
10 से 20 करोड़ लगते हैं जिला पंचायत अध्यक्ष बनने में!
5-7 करोड रुपए लगते हैं ब्लाक प्रमुख बनने में!
कहां से आ रहा इन नेताओं के पास करोड़ों रुपया
पंचायत अध्यक्ष/ब्लाक प्रमुख बनते ही शुरू हो जाती है लूट खसोट!

देहरादून 13 जुलाई। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि हो रहे चुनाव के संभावित जिला पंचायत अध्यक्ष/ब्लाक प्रमुख प्रत्याशियों पर भी आयकर विभाग को निगरानी करनी चाहिए, शिकंजा कसना चाहिए, जो करोड़ों रुपए खर्च करके पद हासिल करने वाले हैं। ऐसे में आयकर विभाग का काम है कि इन नेताओं पर शिकंजा कसे कि आखिर इन संभावित प्रत्याशियों के पास करोड़ों रूपया कहां से आ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि किसको लूटकर यह काला धन कमाया गया है! आलम यह है कि एक जिला पंचायत अध्यक्ष 10 से 20 करोड रुपए खर्च कर अध्यक्ष बनता है। एक ब्लाक प्रमुख लगभग पांच-सात करोड रुपए लगाकर प्रमुख बनता है। ऐसे हालात में आयकर विभाग की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। इस प्रकार करोड़ों रुपए खर्च कर पद हासिल करने से लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आयकर विभाग सिर्फ व्यापारियों व उद्योगपतियों पर छापे मारना ही अपनी ड्यूटी समझता है, जबकि इन भ्रष्ट नेताओं पर शिकंजा कसने से डरता है। इस प्रकार प्रत्याशियों द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके पद हासिल करने के उपरांत विकास कार्यों में लूट-खसोट शुरू हो जाती है तथा कहीं-कहीं विकास कार्य का पैसा आहरित होने के उपरांत भी धरातल पर नहीं उतरते यानी पैसा डकार लिया जाता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि इन तमाम निवर्तमान अध्यक्षों के कार्यकालों की भी जांच हो कि आखिर करोड़ों-अरबों रुपए की योजनाएं धरातल पर क्यों नहीं उतरी!
उनका कहना था कि अधिकांश नेता करोड़ों रुपया खर्च करके अध्यक्ष पद हासिल करने के उपरांत पैसा वसूली अभियान में लग जाते हैं, जिसके चलते करोड़ों रुपए की योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं, जिसकी सरकार द्वारा जांच कराई जानी आवश्यक है। ऐसे भ्रष्ट नेताओं की जगह सलाखों के पीछे होनी चाहिए।
मोर्चा आयकर विभाग से अपील करता है कि ऐसे नेताओं पर शिकंजा कसे एवं सरकार निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों/प्रमुखों के कार्यकाल की जांच कराये।
पत्रकार वार्ता में विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह व प्रमोद शर्मा भी मौजूद थे।

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