देहरादून14। ऊर्जा निगम में नियमों एवं न्यायालय के आदेशों को दरकिनार करते हुए सहायक अभियंताओं की वर्ष 2009 की ज्येष्ठता सूची में वर्ष 2010 के सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को रखे जाने जाने के सम्बन्ध में यूपीजेई एसोसिएशन द्वारा प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मीडिया के माध्यम से अपनी मांग से सरकार एवं शासन को अवगत कराया।
प्रेस को संबोधित करते हुए यूपीजेई एसोसिएशन
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केंद्रीय अध्यक्ष रविन्द्र सैनी ने कहा कि यूपीसीएल द्वारा भेदभाव करते हुए पदोन्नत सहायक अभियंताओं के पक्ष के नियम/विनियम एवं कोर्ट ऑर्डर्स का संज्ञान नहीं लिया गया एवं न ही सहायक अभियंताओं को नियमानुसार अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया ज्येष्ठता नियमावली एवं नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन करते हुए विवादित ज्येष्ठता सूची के विरुद्ध सभी सहायक अभियंताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन रावत ने कहा कि उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन एक जिम्मेदार एसोसिएशन है जो उपभोक्ता सेवा एवं निगम की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती है। एसोसिएशन का उद्देश्य आम जनमानस को किसी भी प्रकार से परेशान करना नहीं है, एसोसिएशन हमेशा सकारात्मक वार्ता के द्वारा समाधान का पक्षधर रहा है। परन्तु यूपीसीएल प्रबंधन द्वारा एसोसिएशन प्रतिनिधि मंडल के साथ सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद भी वार्ता का कार्यवृत जारी नहीं किए जाने से गतिरोध बना हुआ है।
प्रांतीय अध्यक्ष सुनील उनियाल ने बताया कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रबंधन द्वारा बिना किसी वैध नियम के सीधी भर्ती के 2010 के सहायक अभियंताओं को 2009 की ज्येष्ठता देने के प्रकरण पर झूठ का विमर्श तैयार करते हुए निगम प्रबंधन द्वारा शासन एवं सरकार को गुमराह किया जा रहा है। निगम प्रबंधन द्वारा नियमावली के विरुद्ध गलत ज्येष्ठता दी गई है और कथित रूप से जिन नियमों का हवाला दिया जा रहा है वो यूपीसीएल में लागू नहीं है।
कार्यक्रम में राहुल अग्रवाल, अमित रांचेला, अमित बड़थ्वाल, राजीव खर्कवाल, भूपेन्द्र तोपवाल, मनोज कंडवाल आदि उपस्थित रहे।








