रीठा साहिब तीन दिनी जोड़ मेले का हुआ समापन

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महाभोग एवं शरबत की भलाई के लिए की गई अरदास के साथ

शांतिपूर्वक मेला संपन्न होने से पुलिस व प्रशासन ने ली राहत की सांस।

चंपावत। लधिया व रतिया नदी के पावन संगम में स्थित गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब जोड़ मेले का समापन किया गया। सुबह तड़के श्रद्धालुओं ने स्नान कर दरबार साहिब में मत्था टेककर मनौतिया मांगी इसी के साथ यहां पिछले एक सप्ताह से श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ियां का भी महाभोग के साथ समापन किया गया। मुख्य ग्रंथी निर्मल सिंह ने शरबत की भलाई के लिए अरदास की तीर्थ यात्रियों ने महाभोग का प्रसाद ग्रहण किया। मेला आयोजन समिति के अनुसार तीन दिनी मेले में 1.20 लाख तीर्थ यात्रियों ने मत्था टेका यहां पिछले तीन दिनों से गुरु घर में सबद कीर्तन एवं पाठ चल रहा था। इसी के साथ विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं का गंनतव्य की ओर जाना शुरू हुआ। इससे पूर्व उन्होंने कार सेवा प्रमुख बाबा बच्चन सिंह, बाबा सुरेंद्र,बाबा श्याम सिंह का आशीर्वाद एवं उनके हाथों से प्रसाद ग्रहण किया। मेला आयोजन समिति ने मेले के संचालन में जिला पुलिस व प्रशासन विद्युत, पेयजल, सड़क, यातायात, स्वच्छता आदि कार्यों के लिए सभी विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गुरु घर की लगातार की जा रही सेवा को देखते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त करने के साथ उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में सुख, शांति व समृद्धि की कामना के साथ अरदास की गई। इस अवसर पर “जो बोले सो निहाल सतश्रीअकाल” के साथ पूरा वातावरण गूंज उठा। मेले में आए देश-विदेश के तीर्थ यात्रियों का कहना था कि इस क्षेत्र में मनोरंजन के साधन विकसित करने की भी आवश्यकता है। यहां बृहद स्तर पर “होमस्टे” का निर्माण किया जाना चाहिए। जिसके लिए यहां के युवाओं को “नेचर गाइड” की ट्रेनिंग भी दी जाए। यहां के ग्रामीण परिवेश के मकानों को इस रूप में आकर्षक शक्ल दी जाए जिसमें पर्यटक और अधिक रहना पसंद करेंगे।

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