चंपावत ।पार्वतीय राजस्व उप निरीक्षक महासंघ के आवाहन पर आज जिले के सभी राजस्व उप निरीक्षक, निरीक्षक एवं अनुदेशकों द्वारा दो दिनी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया है जिससे चंपावत ,लोहाघाट ,पाटी, बाराकोट, टनकपुर तहसीलों के अलावा उप तहसील मंच एवं पुल्ला में राजस्व का कार्य पूरी तरह ठप रहा। संगठन के जिला अध्यक्ष पुष्कर नाथ एवं सचिव सुनील मेहरा के नेतृत्व में किए गए आंदोलन में उनका कहना है कि आज पूरी दुनिया आधुनिक सुविधाओं से जुड़ चुकी है लेकिन उत्तराखंड के राजस्व निरीक्षक एवं उप निरीक्षक आज भी साइबर सुविधाओं से मोहताज रखे गए हैं। जिससे न केवल कार्य में विलंब होता है बल्कि इसका खामियाजा लोगों को भी भुगतना पड़ता है। संगठन का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई न होने से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। आज सभी तहसीलों में संगठन की ओर से राज्य सरकारों को उप जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेज कर चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो उनका आंदोलन लंबे समय तक जारी किया जा सकता है। राजस्व निरीक्षकों की हड़ताल को जनता का भी समर्थन मिल रहा है ।आम लोगों का कहना है कि राजस्व निरीक्षक एवं उप निरीक्षकों का सीधे जनता से संबंध रहता है ।यदि उन्हें लैपटॉप आदि आज की जरूरतों के अनुसार उन्हें सुविधाएं मिलने लगे तो इससे उनके कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। युवा कांग्रेस के क्रांति महामंत्री भूवन चौबे ने राजस्व उप निरीक्षकों के इस आंदोलन का पूरी तरह समर्थन किया है ।उनका कहना है कि उनकी छोटी सी मंगा पूरी किए जाने का जनता को लाभ मिलेगा।








