बंसवाड़ पेयजल योजना को सूखे ने निगला 2160 केएल के स्थान पर 560 केएल ही मिल रहा है लोगों को पानी।
लोगों का आंदोलन लाया रंग। रायकोट ट्यूबवेल हुआ चालू। 50 हज़ार लीटर अतिरिक्त मिलने लगा है पानी।
लोहाघाट। नगर में गंभीर पेयजल संकट के चलते नगर विकास संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों का स्थानीय कचहरी में धरना प्रदर्शन लगातार जारी है जिसे व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। नगर के लोगों को कई वर्षों से हर तीसरे दिन उसमें भी थोड़ा पानी मिल रहा है। जिसके लिए लोग सरयू नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की लगातार मांग करते आ रहे हैं। इस मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पहले ही अपनी स्वीकृति पहले दी जा चुकी थी। वर्तमान में बंसवाड़ से नगर को मिलने वाला पानी सूखे ने निगल लिया है। इस प्रकार लोगों को लोहावती नदी से 400, ऋषेश्वर से 30, फोर्ती से 30 तथा टैंकरों से 50 केएल पानी की आपूर्ति हो रही है जबकी नगर की आवश्यकता 2160 केएल की है। वैसे देखा जाए तो लोगों को मांग का एक चौथाई ही पानी मिल रहा है। हालांकि जल संस्थान द्वारा एक दिन छोड़कर लोगों को 35 से 40 लीटर तथा दो स्थानों में दो दिन छोड़कर 50 से 60 लीटर पानी की आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन आंदोलनकारी इस दावे को झुठला रहे हैं। उनका कहना है कि चार-पांच दिन में पानी मिल रहा है उसमें भी पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। इधर जल निगम के ईई बीके पाल का कहना है उनके द्वारा 106 करोड रुपए लागत की सरयू लिफ्ट पेयजल योजना की डीपीआर शासन को भेजी गई है। इससे पूर्व जो डीपीआर भेजी गई थी उसमें आपत्तियां लगाई गई थी जिन्हें दूर कर दोबारा भेजा गया है। आंदोलनकारीयो का कहना है कि नगर के लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र माध्यम ही सरयू नदी से लिफ्ट पेयजल योजना से आपूर्ति किया जाना है। स्थानीय कचहरी में आज पेयजल समस्या को लेकर शैलेंद्र राय, रणजीत अधिकारी, राज किशोर शाह, गणेश पुनेठा, डीडी पांडे, ममता ढेक, पूरण उप्रेती, उषा अधिकारी, दीपक शाह, अजय गोरख, रमेश बिष्ट आदि लोगों ने धरना दिया। धरना स्थल में हुई बैठक में आंदोलनकारीयो का साफ़ कहना था कि वह किसी शौक के कारण यह आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि पीने के पानी के अभाव से हलक सूख चुके है।

नगर की गंभीर पेयजल समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी नवनीत पांडे बराबर राज्य सरकार के संपर्क में है। उनका कहना है कि पेयजल के अभाव के चलते लोहाघाट में सीवर लाइन के निर्माण का भी प्रस्ताव नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी के अनुसार लोहाघाट नगर के लिए सरयू पेयजल योजना के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नहीं है जिसे मुख्यमंत्री द्वारा भी अपनी घोषणा में शामिल किया गया था। जल निगम द्वारा डीपीआर तैयार कर पुनः भेजी गई है। उधर पेयजल सचिव शैलेश बगौली भी चाहते हैं कि सरयू लिफ्ट पेयजल योजना की स्वीकृति में आ रही बाधाओं को दूर कर उसे अंतिम रूप दिया जाए।








